मंदसौर | ​जिला स्वास्थ्य विभाग एवं सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आज 'विश्व ग्लूकोमा सप्ताह' (08 से 15 मार्च) के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय मंदसौर से प्रारंभ हुई इस रैली का मुख्य उद्देश्य जनमानस को 'ग्लूकोमा' (काला मोतिया) के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच के महत्व को समझाना था।


​रैली में शामिल हुए प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ:
इस गरिमामय आयोजन में सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. शशि गांधी, नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) अतुल भीरूड़, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. कार्तिक साल्वे, डॉ. सुनील कांत गुलेरी और अन्य विभागीय अध्यक्ष (HODs), विशेषज्ञ चिकित्सक, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. बी एल रावत और बड़ी संख्या में डॉक्टर शामिल हुए। इसके साथ ही शासकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर आमजन को जागरूक किया।


​प्रमुख गतिविधियां एवं संदेश:
​रैली जिला चिकित्सालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी।
​नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने "ग्लूकोमा मुक्त विश्व बनाने हेतु एकजुट हों" के नारों के साथ लोगों को आंखों की नियमित जांच कराने का संदेश दिया।
​चिकित्सकों ने बताया कि ग्लूकोमा दृष्टिहीनता का एक प्रमुख कारण है, जिसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते।


​विशेषज्ञों की अपील:
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने अपील की कि 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह के रोगी और जिनके परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास रहा है, वे अपनी आंखों की साल में कम से कम एक बार विस्तृत जांच अवश्य कराएं। समय पर पहचान ही इस बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी तरीका है।
​राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम, मंदसौर के अंतर्गत आयोजित इस रैली ने शहर में स्वास्थ्य जागरूकता का एक सकारात्मक वातावरण निर्मित किया।