नई दिल्ली | कांग्रेस पार्टी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तर भारत के कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों, प्रभारियों और नेता प्रतिपक्षों ने हिस्सा लिया।

'किसान सम्मेलन' के जरिए गांव-गांव पहुंचेगी कांग्रेस
बैठक के बाद कांग्रेस ने कड़े तेवर अपनाते हुए घोषणा की कि वह किसानों के हक की रक्षा के लिए पूरे देश में ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित करेगी। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करके अमेरिकी हितों के आगे 'सरेंडर' कर दिया है। पार्टी के अनुसार, यह समझौता भारतीय किसानों के भविष्य को खतरे में डालने वाला है।

भोपाल से होगी आंदोलन की शुरुआत
इस देशव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 24 फरवरी को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से होगी। इस विशाल सम्मेलन में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी स्वयं मौजूद रहेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को 'गांव-गांव और घर-घर' तक ले जाने की योजना बना रही है, ताकि किसानों को इस डील के संभावित नुकसानों के बारे में जागरूक किया जा सके।

"प्रधानमंत्री ने किसानों के गले पर तलवार रखकर अमेरिका के आगे सरेंडर किया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेगी।"
— कांग्रेस नेतृत्व का आधिकारिक बयान

बैठक के मुख्य बिंदु:
- रणनीति: उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में आंदोलनों की रूपरेखा तैयार की गई।
- आरोप: ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताया गया।
- प्रसार: सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए ग्रामीण और कृषि बेल्ट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।

