सीतामऊ/मंदसौर/गोपाल मालेचा/ सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम सूरजनी में एक कुख्यात बदमाश की मौत ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। 19 आपराधिक मामलों में नामजद और 5 हजार के इनामी बदमाश भय्यू लाला उर्फ वाहिद खान का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। जहाँ पुलिस इसे दम घुटने से हुई आकस्मिक मौत बता रही है, वहीं परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
​मृतक की पत्नी रुकसाना और अन्य परिजनों का कहना है कि बीती रात करीब 8 बजे सीतामऊ पुलिस की 3-4 गाड़ियाँ दबिश देने सूरजनी पहुंची थीं। परिजनों के मुताबिक, भय्यू घर में ही मौजूद था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि पुलिस नहीं मानी और मारपीट जारी रखी, जिससे उसकी जान चली गई।
​दूसरी ओर, सीतामऊ पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जब वे दबिश देने पहुंचे, तो भय्यू लाला घर पर नहीं मिला था। पुलिस के अनुसार, संभवतः गिरफ्तारी के डर से भय्यू घर के अंदर रखी पलंग पेटी (बॉक्स बेड) में छुप गया होगा। पेटी बंद होने और हवा न मिलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हुई होगी। पुलिस का दावा है कि उनके सामने ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
​भय्यू लाला उर्फ वाहिद खान एक आदतन अपराधी था, जिस पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा था । मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में कुल 19 आपराधिक प्रकरण दर्ज। लंबे समय से करीब 5 गंभीर मामलों में फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
​आज सुबह घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने भय्यू लाला के शव को लदुना चौराहे पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
​अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।