मंदसौर (गोपाल मालेचा) 26 जनवरी 2026 पत्रकारिता के क्षेत्र में शुचिता, साहस और जनसरोकार का पर्याय बन चुके समाचार पत्र 'जनसारंगी' ने अपनी स्थापना के गौरवशाली 18 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। 26 जनवरी 2008 को 'सत्य की डगर' पर चलने के जिस संकल्प के साथ इस यात्रा की शुरुआत हुई थी, वह आज 19वें वर्ष में प्रवेश के साथ एक नई ऊँचाई और जिम्मेदारी में बदल गई है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
संपादक लोकेश पालीवाल ने इस अवसर पर पाठकों के नाम अपने संदेश में कहा कि पत्रकारिता केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक निरंतर उत्तरदायित्व है। बीते 18 वर्षों में जनसारंगी ने सत्ता और समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तक, अखबार ने सदैव तथ्यों और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी है।
चुनौतियों के बीच अडिग रहा विश्वास
आज के दौर में जब सूचनाएँ शोर का रूप ले रही हैं और 'सनसनी' सत्य पर हावी होने की कोशिश करती है, जनसारंगी ने अपनी साख को बनाए रखा है। डिजिटल क्रांति और सूचनाओं की बाढ़ के बीच भी अखबार ने अपनी प्रामाणिकता और निष्पक्षता से समझौता नहीं किया।
"18 वर्ष पूरे कर 19वें वर्ष में प्रवेश केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का क्षण है। आने वाले समय में डिजिटल विस्तार और पाठकों की बदलती अपेक्षाओं के बीच मूल्यों की रक्षा करना ही हमारी वास्तविक कसौटी होगी।" - लोकेश पालीवाल, संपादक
भविष्य का संकल्प
19वें वर्ष में कदम रखते हुए जनसारंगी ने संकल्प लिया है कि वह:
- निर्भीकता: बिना किसी दबाव के सत्य को उजागर करना जारी रखेगा।
- जनहित: आम आदमी की आवाज़ को व्यवस्था तक पहुँचाने का माध्यम बना रहेगा।
- आधुनिकता: डिजिटल माध्यमों के साथ तालमेल बिठाते हुए सूचना की सत्यता सुनिश्चित करेगा।
जनसारंगी प्रबंधन ने अपने समस्त पाठकों, सहयोगियों और शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया है, जिनके अटूट विश्वास ने इस अखबार को लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में स्थापित किया।
