देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बींजाना गांवों में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान मृतकों के परिजन भी अपने दिवंगत परिजनों की तस्वीरें लेकर शामिल हुए और न्याय की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी ने प्रशासन से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस इंदौर और उज्जैन से हजारों लोगों को जुटाकर देवास से उज्जैन होते हुए भोपाल तक पैदल यात्रा निकालेगी।
बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शन, अधिकारियों से तीखे सवाल
कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की थी। इसके बावजूद आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चला।
इस दौरान अधिकारियों से चर्चा करने पहुंचे एडीएम शोभाराम सोलंकी और एसडीएम अभिषेक शर्मा के सामने जीतू पटवारी ने अवैध शराब की बिक्री और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीली शराब से लोगों की जान जाने के बावजूद जिम्मेदारों के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई करने में देरी हो रही है।
पटवारी ने प्रदर्शन के दौरान शराब की बोतलें दिखाते हुए प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
मृतकों के परिजनों ने की न्याय की मांग
प्रदर्शन में जहरीली शराब कांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन भी शामिल हुए। वे अपने परिजनों की तस्वीरें लेकर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शनिवार को भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को चंदाना पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री से फोन पर चर्चा की थी।
प्रशासनिक कार्रवाई: कलेक्टर-एसपी हटाए गए, आबकारी अधिकारी निलंबित
मामले के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देवास कलेक्टर ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद को पद से हटाया गया। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और आबकारी सब इंस्पेक्टर राजश्री खन्ना को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
13 से अधिक मौतों का दावा, जांच पर टिकी नजरें
मृतकों के परिजनों और कांग्रेस का दावा है कि कथित जहरीली शराब पीने से अब तक 13 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी कही गई है। इन आंकड़ों और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच एवं प्रशासनिक जानकारी के आधार पर की जानी बाकी है।
फिलहाल इस मामले में दोषियों की पहचान, शराब के स्रोत और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच महत्वपूर्ण है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग के बीच अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
