निजी मकान, प्लॉट और मंदिरों को सरकारी दर्ज करने की शिकायत जनसुनवाई में पहुंची, अपर कलेक्टर ने दोबारा घर-घर सत्यापन का दिया आश्वासन
मंदसौर। जिले के नाहरगढ़ में ड्रोन सर्वे के माध्यम से तैयार किए गए मकानों के रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र के करीब 6 से 7 हजार मकानों के रिकॉर्ड में 70 से 80 प्रतिशत तक त्रुटियां हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच और सुधार की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, ड्रोन सर्वे के दौरान कई निजी मकानों, प्लॉटों और मंदिरों को सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया है। इससे संबंधित संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और सरकारी रिकॉर्ड की शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने सर्वे में हुई कथित गलतियों को दूर कर वास्तविक स्थिति के आधार पर रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग की है।
मामले की शिकायत जनसुनवाई में पहुंचने के बाद अपर कलेक्टर ने ग्रामीणों को दोबारा घर-घर जाकर सत्यापन कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, जांच के दौरान यदि संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है, तो पटवारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और दोबारा होने वाले सत्यापन पर है। यदि रिकॉर्ड में बताई गई त्रुटियां सही पाई जाती हैं, तो उनमें सुधार कर प्रभावित लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
