रतलाम : डीईओ आबकारी विभाग श्री विकास मंडलोई ने बताया कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण विक्रय संग्रहण एवं परिवहन की संभावना वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित क्षेत्रों में ऐसे स्थान शामिल हैं जहां पूर्व में मदिरा के अवैध रूप से निर्माण किए जाने की हिस्ट्री रही है। इनमें पंथपिपलोदा, कसारी ताजली, परवालिया तथा पिपल्याजोधा शामिल हैं।
इसी प्रकार अवैध मदिरा के विक्रय की हिस्ट्री वाले क्षेत्रों में मांगरोल, धामेलापाड़ा, कोल्वाखेड़ी, मथूरी, कलमोड़ा, खेतलपुर, खोखरा, झर, रानीसिंग, अड़वानिया, बेडदा लोद, जंगली लसुडिया, बड़ाकलसिया, बरखेड़ाखुर्द, सेमलिया, माल्याखेड़ा, कचलिया तथा भीम शामिल हैं।
अत्यंत गरीब वर्ग के व्यक्तियों के निवासरत होने के कारण सस्ती एवं अवैध मदिरा के विक्रय की संभावना वाले क्षेत्रों में ढीकवा नौगावा, अर्जुन नगर, भीलो का वास, डोसीगांव पग्गीपाडा, सल्जाना, टिटोड़ीपाड़ा, बारापत्थर, भीलो की खेड़ी, बागरियों की खेड़ी तथा बंजली चिन्हित किए गए हैं।
वहीं लाइसेंसी मदिरा दुकान से अधिक दूरी होने के कारण अवैध मदिरा विक्रय की संभावना वाले क्षेत्रों में घोड़ाखेड़ा, रुपाखेड़ा, जुलवानिया, भवानीपाड़ा, रणायरापाड़ा, पहाड़ी बंगला, अम्बापाड़ा सरवनघाट, भेरूघाटी, मोयाखेड़ा, बंजली, बाधाखेड़ा तथा उकेड़िया शामिल हैं।
