आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या सुबह 8:56 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ होगी। आज स्नान-दान, पितृ तर्पण और धार्मिक साधना का विशेष महत्व माना जाता है। चंद्रमा शाम लगभग 7:08 बजे तक सिंह राशि में रहेगा, इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा।

🪔 आज का पंचांग

  • वार: शुक्रवार
  • तिथि: अमावस्या, सुबह 8:56 बजे तक
  • इसके बाद: शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा
  • नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी, दोपहर लगभग 1:16 बजे तक
  • इसके बाद: उत्तराफाल्गुनी
  • योग: साध्य, शाम लगभग 5:03 बजे तक
  • इसके बाद: शुभ योग
  • करण: नाग, सुबह 8:56 बजे तक; इसके बाद किंस्तुघ्न
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष से शुक्ल पक्ष
  • मास: भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: सिंह, शाम लगभग 7:08 बजे तक; इसके बाद कन्या

🌅 सूर्योदय-सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 6:16 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:31 बजे
  • चंद्रोदय: सुबह लगभग 6:09 बजे
  • चंद्रास्त: शाम लगभग 6:39 बजे

⏰ शुभ-अशुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 से 5:28 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:48 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 5:49 से 7:23 बजे तक
  • राहुकाल: सुबह 10:51 से दोपहर 12:23 बजे तक
  • यमगंड: दोपहर 3:27 से शाम 4:59 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:43 से 9:32 बजे तक तथा दोपहर 12:48 से 1:37 बजे तक

समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

🔱 आज का धार्मिक महत्व

अमावस्या पर पवित्र नदी, सरोवर या घर पर स्नान करके पितरों का तर्पण, जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र दान और भगवान शिव-विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने से आज आत्मचिंतन और नई योजनाओं का दिन भी माना जाता है।

🔮 आज का राशिफल

♈ मेष

आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। परिवार में किसी पुराने मतभेद को बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें।

♉ वृषभ

आज बुद्धि और समझदारी से काम लेने पर सफलता मिलेगी। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में पुराने संपर्क लाभदायक रहेंगे।
उपाय: जरूरतमंद को सफेद वस्तु का दान करें।

♊ मिथुन

आज धन, उपहार या किसी उपयोगी वस्तु की प्राप्ति हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। भविष्य की योजना बनाने के लिए दिन अच्छा है।
उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।

♋ कर्क

व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी या आय का नया स्रोत सामने आ सकता है। भावनाओं में आकर निर्णय न लें।
उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं।

♌ सिंह

आज आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता मजबूत रहेगी। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में प्रगति की संभावना है। शाम के बाद स्वास्थ्य और आराम पर ध्यान दें।
उपाय: सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।

♍ कन्या

आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क बनेगा, जो भविष्य में लाभ देगा। निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें।
उपाय: गणेश जी की पूजा करें और हरी मूंग का दान करें।

♎ तुला

पुरानी परेशानियों से राहत मिल सकती है। आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। प्रेम और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। किसी विवाद में पक्ष लेने से बचें।
उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद फूल अर्पित करें।

♏ वृश्चिक

आज धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। घर या संपत्ति से जुड़ी समस्या सुलझ सकती है। कार्यक्षेत्र में धैर्य और जिम्मेदारी से काम लेना जरूरी होगा।
उपाय: हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।

♐ धनु

ज्ञान, शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में प्रगति होगी। मान-सम्मान मिल सकता है। नौकरी या व्यवसाय में नई संभावना सामने आएगी। परिवार में शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है।
उपाय: पीली वस्तु या चने की दाल का दान करें।

♑ मकर

परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी शुभ आयोजन की योजना बन सकती है। कामकाज में सफलता मिलेगी, लेकिन सेहत की अनदेखी न करें।
उपाय: जरूरतमंद को काले तिल का दान करें।

♒ कुंभ

नौकरी में नया अवसर मिल सकता है। पुराने संपर्कों से लाभ होगा। रुका हुआ काम दोबारा शुरू होने के संकेत हैं। दांपत्य जीवन में सहयोग और समझ बढ़ेगी।
उपाय: भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।

♓ मीन

कर्मक्षेत्र में आ रही बाधाएं कम हो सकती हैं। नौकरी बदलने या नई योजना शुरू करने का विचार बन सकता है। पारिवारिक और वैवाहिक मामलों में संवाद से समाधान मिलेगा।
उपाय: भगवान विष्णु का ध्यान करें और पीली मिठाई का दान करें।

⭐ आज का विशेष संदेश

आज अमावस्या के कारण स्नान, दान, पितृ तर्पण और आत्मचिंतन का महत्व है। नए कार्य की शुरुआत से पहले राहुकाल से बचें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में व्यावहारिक सोच रखें।

नोट: राशिफल ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें। पंचांग के समय उज्जैन के आधार पर हैं और अन्य स्थानों पर इनमें अंतर हो सकता है।