मंदसौर : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर आज सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मंदसौर एवं DIET मंदसौर में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीन डॉ. शशि गांधी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में डीन डॉ. शशि गांधी एवं प्राचार्य डॉ. प्रमोद सेठिया ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में आत्महत्या की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य तथा संकट की स्थिति में समय पर सहायता उपलब्ध कराने के महत्व पर चर्चा की गई। मनोरोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. निशांत पटेल ने आत्महत्या के चेतावनी संकेतों (Warning Signs) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आम व्यक्ति किस प्रकार किसी व्यक्ति में व्यवहार, भावनाओं या बातचीत में होने वाले बदलावों को पहचान सकता है तथा संकट की शुरुआती अवस्था में किस प्रकार उससे बात कर सकता है और आवश्यक सहायता तक पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि, सामाजिक जुड़ाव, तनाव प्रबंधन तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में यह संदेश पहुंचाना था कि आत्महत्या को लेकर खुलकर बात करना, चेतावनी संकेतों को पहचानना और समय पर मदद उपलब्ध कराना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा संकट की स्थिति में व्यक्ति को अकेला न छोड़कर समय पर सहायता लेने और दिलाने का संदेश दिया गया।