भवानीमंडी ( जगदीश पोरवाल ) झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने चार माह में नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई का लेखा जोखा शुक्रवार को झालावाड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रखा उन्होंने बताया की झालावाड़ पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दिव्य प्रहार' के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक करके सबसे बड़ी कार्रवाई की गई । तस्करों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 125 करोड़ की संपत्ति पर ताला जड़ दिया है. इस कार्रवाई में लग्जरी मकान, पेट्रोल पंप, कृषि भूमि, कॉमर्शियल प्लॉट और गाड़ियां तक शामिल हैं ।

एसपी ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा
कहा जाता है कि 
“खरगोश-सा अपराध कछुआ-सा न्याय,
एक दिन बंद हो जाएगा यह भी अध्याय.”
अपराध की गति खरगोश जैसी होती है लेकिन अंत में धीमी चाल में चलने वाला न्याय ही कछुए की भांति जीतता है ।

पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने बताया कि नशा माफियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन दिव्य प्रहार ने झालावाड़ जिले में मादक पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्यवाही करते हुए पिछले 04 माह में तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर उन्हें कुल 62.71 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि पहुंचाई है। इस दौरान 08 करोड 40 लाख बाजार मुल्य के अवैध मादक पदार्थ बरामद, 04 करोड बाजार मुल्य के मादक पदार्थ तस्करी में प्रयुक्त वाहन जप्तशुदा वाहन व मादक पदार्थ तस्करों द्वारा 50 करोड से अधिक की सरकारी भुमि पर अवैध अतिक्रमण ध्वस्त किया गया। मादक पदार्थों की व्यापारिक मात्रा में खरीद-फरोख्त की तैयारी करते हुऐ 31 लाख 95 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए गए।
उन्होंने बताया कि 4 महीने में पुलिस ने 78 मुकदमे दर्ज कर ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत 128 आरोपियों को गिरफ्तार किया. वहीं इस अभियान के तहत नशे की कमाई से अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर बेशकीमती सरकारी भूमि व वन भूमि को भी अतिक्रमण मुक्त करवाया गया. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत गिरफ्तार किए गए नशे के सौदागरों के द्वारा अवैध मादक पदार्थ जिसमे 3 किलो 418 ग्राम, अफीम 4 किलो 783 ग्राम, डोडा चुरा 484 किलो, 51 डोडा चूरा चरस 482 ग्राम, एमडीएमए 62.21 ग्राम बरामद किया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा तस्करों की फ्रिज की गई संपत्तियों में 29 मकान दो दुकान, एक प्लांट, पेट्रोल पंप, 16 मोटरसाइकिल 10 ट्रक कंटेनर को जप्त किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ रुपए है ।
ऑपरेशन के लिए पुलिस ने गोपनीय रणनीति और तैयारी की थी, जिसके बाद यह बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने तस्करों द्वारा काली कमाई से अर्जित की गई 107 संपत्तियां को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया है. ऐसे में जिला पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशा माफियाओं पर अब तक की इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में देखा जा रहा है ।



तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचना ही मकसद नहीं है:-

इस ऐतिहासिक कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने कहा कि "ऑपरेशन दिव्य प्रहार तस्करों को केवल सलाखों के पीछे पहुंचाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के आर्थिक विध्वंस की भी मिसाल है जिन्होंने धन के लोभ में हजारों परिवारों और जिंदगियों को नशे के जाल में फंसाकर तबाह किया है।

 

तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति का मूल्यांकन किया गया:-

पुलिस ने तस्करो के खिलाफ बड़ी आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक की है ऐसे में तस्करों के द्वारा अर्जित की गई काली कमाई को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने बताया कि जिलेभर के मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पुलिस की एम ओ बी शाखा लगातार पिछले कई महीनों से डाटाबेस तैयार कर रही थी. इसके लिए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी. एम ओ बी टीम द्वारा सबसे पहले मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त आरोपियों की आय से अर्जित की गई संपत्तियों का चिह्नीकरण किया गया. बाद में उन संपत्तियों का बाजार मूल्य से आंकलन कर मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की गई.

तस्करों की गिरफ्तारी और वाहन जप्तीः

पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 78 प्रकरण दर्ज किए और 128 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों (16 मोटरसाइकिल / स्कूटी, 10 कार/पिकअप, 01 ट्रक (25 टन सरिये से भरा हुआ) और 01 कंटेनर) को जब्त किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत 04 करोड़ रुपये है।

नकद राशि की बरामदः

मादक पदार्थों की व्यापारिक मात्रा में खरीद-फरोख्त की तैयारी (एनडीपीएस एक्ट धारा 30) करते हुऐ जिले के विभिन्न थानों में 08 प्रकरण दर्ज करते हुए कब्जे से 31 लाख 95 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए गए।

सरकारी भूमि पर किया गया अवैध अतिक्रमण ध्वस्तः-

नशा तस्करों द्वारा 50 करोड़ रूपए के अवैध अतिक्रमण कर बनाये गये अवैध निर्माण को संबंधित विभाग द्वारा ध्वस्त किया गया इस दौरान भारी संख्या में झालावाड पुलिस बल मौजुद रहा। नशा तस्करों की अवैध अतिक्रमण कर बनाई अवैध संपत्ति ध्वस्त करने की अब तक 08 कार्यवाही संबंधित विभाग से समन्वय कर कार्यवाही को अंजाम दिया गया ।

न्यायालय में मजबूती से रखेंगे अपना पक्ष:-

इसके साथ ही आपरेशन दिव्य प्रहार में इन मादक पदार्थ तस्करों से सम्बन्धित न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में सम्बन्धित थानाधिकारीगण को ही केस ऑफिसर नियुक्त किया जा चुका है ताकि इन प्रकरणों में न्यायालय में अभियोजन कार्यवाही के दौरान साक्ष्यों का मजबूती से परीक्षण करवाया जा सके और अधिकाधिक प्रकरणों में इन मादक पदार्थ तस्करों को सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जा सके।

ऑपरेशन दिव्या प्रहर में विशेष भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मी :-

इस अभियान में निम्न पुलिस कार्मिकों की विशेष भूमिका रही है-
1. श्री हेमन्त शर्मा, हैड कानि0 13 विभागीय जांच शाखा, एस०पी०ओ० झालावाड़।
2. श्री पिंकू मैरोठा, हैड़ कानि0 377 एम०ओ०बी० शाखा झालावाड़।
3. श्री वीकेश कुमार शर्मा कानि0 994 सायबर थाना झालावाड़।
4. श्री नितेश यादव कानि0 376 सायबर टीम झालावाड़।