पीसीपीएनडीटी अधिनियमम के साथ-साथ क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत हॉस्पिटल का किया निरीक्षण
भवानीमंडी / जगदीश पोरवाल । गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम के तहत उपखंड समुचित प्राधिकारी एवं उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लेखराज मालव एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) प्रभुलाल ऐरवाल द्वारा भवानीमंडी की पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर का औचक निरीक्षण किया
झालावाड़ की चिकित्सा टीम द्वारा भवानीमंडी के डॉ. अतुल हार्ट केयर, सीएचसी, शीला हॉस्पिटल, जे.के. हॉस्पिटल, नवजीवन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर एवं नून हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर भवानीमंडी का औचक निरीक्षण किया गया।

जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी प्रभुलाल ऐरवाल द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम नवीन प्रावधानों तथा अधिनियम के उलंघन पर दण्ड के प्रावधान, सेन्टर द्वारा सोनोग्राफी रिकार्ड व फार्म-एफ संधारण, इंपेक्ट ऑनलाईन सिस्टम, सेन्टर पर अपेक्षित प्रदर्शित सूचनाओं, सोनोग्राफी एवं एमआरआई रजिस्ट्रेशन की ऑनलाईन प्रक्रिया, मुखबीर डिकॉय योजना, टॉल फ्री नं. 104, 108 व वाट्सएप नम्बर 9799997795 की जानकारी भी साझा की।

उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लेखराज मालव ने अवगत करवाया कि सेन्टर संचालक एवं चिकित्सक अधिनियम का पुर्ण पालन करते हुए सेन्टर पर फार्म एफ एवं रिकार्ड रजिस्टर का पूर्ण संधारण करें साथ ही जैसे नये चिकित्सक को अधिकृत करवाया जाता है उसी प्रकार से अधिकृत चिकित्सक के द्वारा सेन्टर छोडने पर सेन्टर संचालक जिला पीसीपीएनडीटी सेल को सूचित करते हुए चिकित्सक का अधिकृत आदेश रद्द आवश्यक रुप से करवायें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने बताया कि जिले में सामुदायिक सहभागिता एवं जागरुकता से जिले में बेटियों की संख्या में वृद्धि हुई है। सेन्टर संचालकों को निर्देश दिये गये कि वे पीसीपीएनडीटी अधिनियम की सख़्ती से पालना तथा जिन सेन्टर पर निरीक्षण दौरान उलंघन पाये जाने पर अधिनियम के तहत सख़्त कार्यवाही की जावेगी।

