नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही लंबे समय से चल रहे सीजेपी आंदोलन की तीनों प्रमुख मांगें मानने की भी घोषणा की गई है। सरकार के इस फैसले के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आंदोलनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। वहीं, शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपे जाने की घोषणा की गई है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से लिया गया है। दूसरी ओर, विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को छात्रों की जीत बता रहा है और इसे जनदबाव का परिणाम बता रहा है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी शिक्षा देश में कौन से नए फैसले लेते हैं और सरकार आंदोलन के दौरान किए गए वादों को किस तरह लागू करती है।