आलोट(दुर्गाशंकर पहाड़िया) ग्राम पिपलिया पिथा की राजु बाई पति रामचन्द्र बागरी पिछले पंद्रह वर्षों से अपने हक और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, पर आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी। राजु बाई के अनुसार, उनके पति चौकीदार पद पर कार्यरत थे, जो वर्षों पूर्व गुमशुदा हो गए। इसके बाद गांव के ही मांगु पिता सीताराम बागरी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसी पद पर अपनी नियुक्ति करवा ली।

राजु बाई ने बताया कि उक्त मांगु के खिलाफ शाजापुर कोतवाली में पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर अपराध दर्ज हैं और वह करीब 15 दिन न्यायिक हिरासत में भी रह चुका है, फिर भी उसे पद से नहीं हटाया गया। जबकि शासकीय सेवा नियमों के अनुसार, 48 घंटे से अधिक हिरासत में रहने पर कर्मचारी को निलंबित किया जाना आवश्यक है।

राजु बाई ने यह शिकायत रतलाम कलेक्टर जनसुनवाई और आलोट एसडीएम कार्यालय में कई बार दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई अब तक अधर में है।

पीड़िता ने कहा — “मैं भोपाल से लेकर रतलाम तक हर दफ्तर के चक्कर लगा चुकी हूं, अब उम्मीद है कि महिला कलेक्टर मुझे न्याय दिलाएंगी।”

ग्रामीणों का कहना है कि पॉक्सो जैसे गंभीर प्रकरण में आरोपी व्यक्ति का चौकीदार पद पर बने रहना प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को दर्शाता है।