मंदसौर(गोपाल मालेचा) सरकारी सांदीपनि विद्यालय मल्हारगढ़ में संचालित स्कूल बसों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय से अटैच बसें विद्यालय परिसर में खड़ी न होकर ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी की जा रही हैं और इन्हीं बसों का उपयोग शादी-बारात एवं पिकनिक में किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में कुल 17 स्कूल बसें संचालित हैं, जिनमें से मात्र 2 बसें ही विद्यालय परिसर में खड़ी रहती हैं, जबकि शेष बसें अन्य अलग-अलग स्थानों पर खड़ी की जा रही हैं। जबकि विद्यालय परिसर सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड से लैस है, जहां बसें सुरक्षित रह सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार बस मालिक विद्यालय में बसें खड़ी न करके दोहरा लाभ कमा रहे हैं। व्हाट्सएप के माध्यम से बसों के शादी, बारात और पिकनिक के लिए प्रचार संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
इस मामले में शिक्षा विभाग और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिकों पर चालानी कार्रवाई करने वाले विभागों को स्कूल परमिट वाली बसों से शादी-बारात ले जाने का मामला नजर नहीं आ रहा है।
मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं एक आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालय से बसों की GPS लोकेशन, बसों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज, बसों के संचालन से जुड़ी जानकारी मांगी गई है ।
आरटीआई के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की अन्य अनियमितता सामने आती है, तो मामले की उच्च स्तरीय शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और स्कूल परमिट वाली बसों के दुरुपयोग पर कब रोक लगती है।
