अपर मुख्य सचिव ने सिंहस्थ 2028 के निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों के समीक्षा बैठक ली
सिंहस्थ में अस्थाई प्रकृति के तत्‍कालिक कार्यो की कार्ययोजना अगली बैठक में प्रस्‍तुत करें

उज्जैन / सिंहस्थ 2028 के लिए अस्थाई प्रकृति कार्यों के निर्माण के साथ ही रोड और अन्य प्रबंधन संबंधी कार्यों के लिए पूर्व में सिंहस्थ 2016 में पदस्थ अधिकारियों से चर्चा कर लें और उनके अनुभवों का लाभ लें। यदि अधिकारीयों द्वारा प्रशासनिक नोट बनाए गए थे तो उनका भी अध्‍ययन कर लें , जिससे सिंहस्‍थ 2016 की परिस्थिति से अवगत हो सकेगें । भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के लिए उनके अनुभवों से हम कारगर योजनाएं बना सकते हैं।
     अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने यह बात जिला खंडवा-ओंकारेश्वर की कार्य योजना के संबंध में खण्‍डवा कलेक्टर से चर्चा करते हुए कहीं।
अपर मुख्य सचि राजौरा ने कहा कि स्थाई प्रकृति के कार्यों में अगली बार की बैठक सिंहस्थ मद से होने वाले कार्यों के साथ अन्य मदों से होने वाले कार्यों को भी सम्मिलित किया जाए। जिससे उनकी व्यापक समीक्षा की जा सके।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने सिंहस्थ 2028 के स्थाई कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और इसके साथ ही सिंहस्थ 2028 मेला आयोजन में होने वाले अस्थाई प्रकृति और तात्कालिक रूप से होने वाले कार्यों की भी एक संभावित कार्य योजना से अपर मुख्य सचिव को अवगत कराया।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि अस्थाई प्रकृति के कार्यों की कार्य योजना बहुत व्यवस्थित तरीके बनाई जाए। इन पर ही पूरा सिंहस्थ मेला का प्रबंधन निर्भर होगा। अस्थाई प्रकृति के कार्यों में यह सुनिश्चित कर लें कि कौन से कार्य कितना समय लेंगे।
इस हिसाब से उनकी कार्य योजना बनाकर कार्य आरंभ करें। अस्थाई प्रकृति के कार्यों के लिए अलग से बैठक आयोजित होगी, जिसमें सभी विभागों के संबंधित कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में वीडियो कांफ्रेस के माध्‍यम से कलेक्टर खंडवा ने ओंकारेश्वर के कार्यों के संबंध में अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिति  गर्ग ने पशुपतिनाथ मंदिर, शिवना नदी पर बनने वाले पुल और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। आगर मालवा के प्रभारी अधिकारी द्वारा बगलामुखी बायपास मार्ग और अन्य मार्गों के संबंध में जानकारी दी गई। नीमच के प्रभारी अधिकारी द्वारा भी नीमच में चल रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी गई।
बैठक में एडीजीपी राकेश गुप्ता, डीआईजी न‍वनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
     अपर मुख्य सचिव राजोरा ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में निर्माण कार्यों की मजबूती के लिए नई टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। इसके लिए व्यापक रूप से सर्च किया जाए और सबसे उन्नत तकनीक का उपयोग ही इन व्यवस्थाओं में हो।  अस्थाई प्रकृति के कार्यों में गुणवत्ता का और आधुनिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही ना हो, इसके लिए पूर्ण परीक्षण के बाद ही कार्य आरंभ किए जाएं।
अपर मुख्य सचिव राजौरा ने बैठक में सिंहस्थ 2028 के लिए मंत्रीमंडलीय समिति द्वारा मंजूर किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्यों में गुणवत्ता की प्राथमिकता होना चाहिए। इसी के साथ यह भी सुनिश्चित करें कि सभी कार्य दी गई समय सीमा के पूर्व ही पूर्ण हो जाए।