जबलपुर / जबलपुर जिला न्यायालय परिसर में दो दिन पहले हुए सनसनीखेज बम विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। तत्परता से कार्रवाई करते हुए ओमती पुलिस ने इस घटना के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस धमाके से न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र से मिली मदद
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इन पुख्ता सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तनमय राजपूत, अनूप श्रीपाल, अनुज राजपूत और दक्ष राजपूत शामिल हैं।
पंकज राजपूत पर कड़ा एक्शन, लगेगा NSA
पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक अन्य फरार आरोपी पंकज राजपूत, जो माढ़ोताल का रहने वाला है और एक कुख्यात अपराधी है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पंकज राजपूत के खिलाफ पहले से ही 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और समाज में दहशत फैलाने की नीयत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने के लिए जिला दंडाधिकारी के पास प्रस्ताव भेजा है। जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार पंकज राजपूत के खिलाफ NSA के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया है।
मामले की जाँच जारी, जल्द होगी न्यायालय में पेशी
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से ओमती पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है। उनके बयानों के आधार पर इस साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं (287, 125, 132 और 3(5)) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
कोर्ट की सुरक्षा को लेकर चिंता
न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर दिनदहाड़े हुए इस विस्फोट ने अधिवक्ताओं, पक्षकारों और सुरक्षाकर्मियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद से न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने की मांग उठने लगी है।
