तराना, जिला उज्जैन में रमज़ान के तीसरे अशरे की मुकद्दस घड़ियों में 26वें रोज़े और 27वीं शब यानी शब-ए-क़द्र की रात मस्जिद में एक खास रूहानी माहौल देखने को मिला।


इस मुबारक मौके पर हाफिज़ साहब ने तरावीह में कुरआन शरीफ मुकम्मल किया। कुरआन मुकम्मल होने पर मस्जिद में मौजूद अकीदतमंदों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया और दुआओं का सिलसिला शुरू हुआ।
इस दौरान शहर काज़ी सफ़ीउल्ला साहब और अंजुमन के सदर सय्यद अकबर हुसैन जागीरदार ने हाफिज़ साहब का गुलपोशी कर और नज़राना पेश कर उनका गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।


साथ ही मस्जिद में खिदमत देने वाले जिम्मेदार लोगों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। रमज़ान के अंतिम अशरे में एतिकाफ़ में बैठे नौजवानों का भी विशेष रूप से सम्मान किया गया।
कुरआन मुकम्मल होने के बाद सभी ने मिलकर मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
इस मुकद्दस रात में बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने रातभर इबादत की, कुरआन की तिलावत की और अपने गुनाहों की माफी मांगी।